मनु भाकर की जीवन परिचय//Manu bhakar biography in Hindi.

मनु भाकर की चर्चा आज पुरे सोशल मीडिया पर आज की तरह फैल रही है। आज लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर मनु भाकर कौन है और कहां की रहने वाली है? मनु भाकर की चर्चा होने कीमुख्य कारण है कि वह पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीत कर अपने देश का नाम रोशन किया है तथा दूर पदक जीतने वाली प्रथम महिला बनकर लोगों के सामने आई है। आज हम मनु भास्कर की बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। 
22 वर्षीय भारतीय निशाना बाज मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतकर अपने देश  का नाम रोशन किया है तथा ऐसा करने वाली प्रथम महिला बनकर इतिहास रच दिया है। मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर ईयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
मनु भाकर की जीवन परिचय। 
मनु भाकर की जन्म 18 फरवरी 2002 को हरियाणा के झज्जर जिले में रामकिशन भाकर के घर हुआ था। मनु भाकर को निशानेबाजी के अलावा कई खेलो में रुचि रही है। जैसे बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, स्केटिंग जैसे खेलों में भी उन्होंने काफी रुचि थी। मनु भाकर झज्जर जिला के गोरिया गांव में रहकर अपनी कारी मेहनत और परिश्रम से आज इस मुकाम पर पहुंची है। मनु का एक बड़ा भाई भी है जिसका नाम अखिल भाकर है।

मनु भाकर की निशाना बाजी में करियर 
मनु भाखर में 14 साल के उम्र में ही निशानेबाजी में कदम रखा और जल्दी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 
उन्होंने 2017 में अपने पहले ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद 2018 में उन्होंने issf विश्वकप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। 
मनु भाकर की प्रमुख उपलब्धियां।
1, 2018 में ISSF विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता।
2, 2018 में राष्ट्रमंडल खेल में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता।
3, 2019 में ISSF विश्व कप में 10 मीटर year पिस्टल में कई पदक
4, 2001 किसे मानती खेल में उन्होंने तो क्यों ओलंपिक में भारत का नेतृत्व किया।
मनु ने देश को दिया दोहरा मान, दो मेडल वाली पहली एथलीट। 
मनु भाकर और सरबजोत सिंह की जोड़ी ने पेरिस  ओलंपिक में शूटिंग की 10 मीटर एयर पिस्टल मिस्ड इवेंट में काश पदक जीता। इसके साथ ही मनु आजादी के बाद एक एक के ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई है। यह मिडिल ओलंपिक इतिहास में भारत का पहला शूटिंग टीम मैडल भी है। भारतीय जोड़ी ने पोरिया की ओयेजिन और लिवोन्हो को 16-10 से हराकर यह उपलब्धि अपने नाम की। 

1990 में भारत की ओर से नॉर्मन प्रिकार्ड नी दो सिल्वर मैडल जीते थे।
टीम मोदी ने मनु भाकर और सर्बजोत  को जीत की बधाई दी।
निष्कर्ष
मनु भाकर युवा महिला खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है। आज जो लोग लड़कियों को खेल के क्षेत्र में नहीं जाने देते उन्हें मनु भास्कर के कामयाबी से एक सिख जरूर मिलेगी।

मनु भाकर अब  घुड़सवारी करेगी।
पेरिस ओलंपिक दुआ से पदक जीत के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में काकी मुझे घुड़सवारी करना अच्छा लगता है। अब मैं घुड़सवारी करूंगी। यह बात उन्होंने एक इंटरव्यू के माध्यम से लोगों को बताई।
मनु भाकर की निशाना बाजी तो देख ली अब डांस देखिए।
X par dekho

मनु भाकर को एक समारोह में ओलंपिक में मेडल जीतने के बुलाया गया था। दिस इस सामान समझ में मनु भाकर काला चश्मा गाने पर फिरक्ति हुई नजर आई। मनु भाकर की यह डांस वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा ।
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